Ambikapur News – लॉकडाउन में 63600 स्कूली बच्चे कर रहे ऑनलाइन पढ़ाई, होमवर्क पोर्टल पर कर रहे अपलोड, शिक्षक कर रहे जांच

0


Online study: सरगुजा कलक्टर व जिला पंचायत सीईओ के निर्देशन मेें तैयार किए गए पोर्टल पर चल रही पढ़ाई

अंबिकापुर. कोरोना संकट को देखते हुए भारत सरकार द्वारा घोषित लॉकडाउन में सभी स्कूल बंद हैं, ऐसे में सरगुजा जिले के सभी ब्लॉक के स्कूली छात्र-छात्राओं को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ‘पढ़ई तुहर दुआर’ योजना के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। बच्चों की पढ़ाई के लिए सरगुजा कलक्टर डॉ. सारांश मित्तर व जिला पंचायत सीईओ कुलदीप शर्मा के निर्देशन में वेब पोर्टल तैयार किया गया है।

इसके माध्यम से 22 मई की स्थिति में 63 हजार 600 पंजीकृत स्कूली छात्र-छात्राओं को 6 हजार 945 शिक्षकों के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर मिले होमवर्क को पूरा कर पोर्टल में अपलोड कर रहे हैं तथा संबंधित शिक्षक उनका होमवर्क जांच कर वापस लोड कर रहे हैं। इस व्यवस्था से स्कूल के जैसे ही वास्तविक शिक्षा घर बैठे मिल रही है।

राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला मिशन समन्वयक डॉ. संजय सिंह ने शिक्षकों को अच्छे नवाचारी शैक्षिक वीडियो व कंटेंट तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड करने तथा अधिक से अधिक बच्चों को जिला एवं राज्य स्तर से संचालित ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सभी स्कूल को वर्चुअल स्कूल बनाने के लिए अपने स्कूल के शिक्षकों व बच्चों को व्हाट्सएप गु्रप बनाकर उन्हें सिस्को वेबेक्स एप्प के माध्यम से नियमित ऑनलाइन कक्षा लेने कहा है।

उन्होंंने कहा कि ऑनलाइन कक्षा सिर्फ लॉकडाउन में ही नहीं, बल्कि स्कूल खुलने के बाद भी जारी रहेंगीं। इस पोर्टल का उपयोग वहां भी किया जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है।

वर्चुअल स्कूल बनाकर ली जा रहीं ऑनलाइन कक्षाएं
वेबेक्स एप्प पोर्टल पर स्कूलों को वर्चुअल स्कूल बनाकर ऑनलाइन इंटेरेक्टिव कक्षाएं आयोजित कर शिक्षा बच्चों को दी जा रही है। इसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षक व छात्र-छात्राएं जुड़ रहे हैं।

इसमें बच्चे प्रश्न पूछ रहे हैं और शिक्षक उनका समाधान कर रहे हैं। यही नहीं, छात्र-छात्राएं होमवर्क पूरा कर उसका फोटो पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं तथा शिक्षक उन्हें जांच कर विद्यार्थी को भेज रहे हैं। इस व्यवस्था से घर बैठे ही छात्र अपनी कमजोरी दूर कर रहे हैं।

नेटवर्क की समस्या के बावजूद 63600 बच्चे पंजीकृत
सरगुजा जिले के दूरस्थ इलाकों में नेटवर्क की समस्या के बावजूद 22 मई की स्थिति में 63 हजार 600 बच्चे तथा 6945 शिक्षक पंजीकृत हो चुके हैं। शेष 30 हजार 680 बच्चों व 332 शिक्षकों को पंजीकृत करने की प्रक्रिया जारी है।

गौरतलब है कि जिले के नवाचारी शिक्षक ऑडिया, वीडियो व पीडीएफ फार्म में शैक्षणिक सामग्री अपु्रवल के लिए समिति के पास भेज रहे हैं तथा अप्रुव होने के बाद उन्हें वेबसाइड पर अपलोड किया जा रहा है, जिसका बच्चे लाभ उठा रहे हैं। राज्य से भी विशेषज्ञ शिक्षकों की कक्षा अध्यापन का वीडियो अपलोड किया जा रहा है जिसका बच्चे लाभ उठा सकते हैं।

ये शिक्षक करा रहे ऑनलाइन पढ़ाई
वेबेक्स एप्प के माध्यम से विषय विशेषज्ञ संजय सिंह द्वारा गणित, कौशलेंद्र सेंगर द्वारा भौतिकी, सुशांतो बनिक द्वारा अंग्रेजी, सतीश पांडेय द्वारा रसायन, शिरीष नंदे द्वारा गणित तथा व्याख्याता डाइट पुष्पा सिंह द्वारा विज्ञान की ऑनलाइन कक्षा ली जा रही हैं।

इसी प्रकार प्राथमिक स्तर पर स्नेहलता, पूनम सिंह, वंदना महथा, अनुरंजना बेक, विवेक गुप्ता, शिवशंकर चौहान, विरेश बैरागी, मिताली गुप्ता व अंजनी सिंह द्वारा टाइम-टेबल के अनुसार कक्षाएं ली जा रही हैं।

1852 वर्चुअल स्कूल तैयार
सरगुजा जिले के 7 ब्लॉक अंबिकापुर, लखनपुर, उदयपुर, मैनपाट, बतौली, सीतापुर व लुंड्रा में 22 मई की स्थिति मेें 1852 वर्चुअल स्कूल तैयार कर लिए गए हैं। बच्चों द्वारा 101 शंकाएं समाधान के लिए शिक्षकों को भेजी गई थीं, इनमें से 54 लंबित हैं। 22 मई तक बच्चों द्वारा 717 होमवर्क जांच के लिए अपलोड किया गया था, जिसमें से शिक्षकों द्वारा 430 की जांच कर ली गई है जबकि 287 होमवर्क लंबित हैं।

करुणेश को बनाया मीडिया प्रकोष्ठ प्रभारी
जिला मिशन समन्वयक द्वारा कार्यक्रम को अभिभावकों व बच्चों के मध्य व्यापक प्रचार-प्रसार तथा जिले की उपलब्धियों को मीडिया एवं राज्य तक पहुंचाने के लिए मीडिया प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। इसका प्रभारी करुणेश चंद्र श्रीवास्तव तथा सहायक प्रभारी युगेश्वर पांडेय को बनाया गया है।

प्रभावशाली क्रियान्वयन से ही योजना की सफलता
कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी एपीसी रविशंकर तिवारी ने शिक्षकों से कहा है कि किसी भी अच्छी योजना की सफलता उसके प्रभावशाली क्रियान्वयन से ही संभव हो सकता है। इसके लिए बच्चों को ऑनलाइन पंजीकृत कर उसकी महता व उपयोग के बारे में हमें अभिभावकों व बच्चों को समझाना होगा।

एसईसीआरटी की प्राध्यापक प्रीती सिंह जिला प्रभारी का भी मार्गदर्शन ऑनलाइन बैठकों व टेलीग्राम व व्हाट्सएप्प के माध्यम से शिक्षकों को प्राप्त हो रहा है। अरविंद गुप्ता द्वारा शिक्षकों की तकनीकी समस्या को हल किया जा रहा है।











Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here