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Ambikapur News – वन अधिकार पत्र वितरण की धीमी गति पर प्रभारी सचिव पिंगुआ ने जताई नाराजगी, अफसरों को ढिलाई न बरतने के निर्देश

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Angry: वन अफसरों से पेड़ के बीच खाली जमीन पर व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देने कहा, 10 वर्ष के लिए मास्टर प्लान (Master plan) बनाकर काम करने के निर्देश

अम्बिकापुर. जिले के प्रभारी सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में उद्योग, वन, कृषि, उद्यान, महिला एवं बाल विकास तथा आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक ली।

पिंगुआ ने कहा कि सामुदायिक वनाधिकार पत्र (Forest charter) तथा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र के तहत ग्रामीणों को सामूहिक रूप से दिए जा रहे जमीन में व्यवसायिक खेती के लिए 10 वर्ष के लिए एक मास्टर प्लान बनायें।

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प्रभारी सचिव (In-charge secretary) ने कहा कि किसानों को व्यवसायिक खेती हेतु प्रोत्साहित करें। इन जमीनों में बड़े पैमाने पर जल्द उत्पादन देने वाले फलदार पेड़ लगवाएं। इसके साथ ही पेड़ के बीच खाली जमीन में अदरक, हल्दी एवं तीखुर की खेती भी करायें ताकि पूरी जमीन का व्यवसायिक खेती के रूप में उपयोग हो सके।

प्रभारी सचिव ने कहा कि वनाधिकार पत्र देने से वनों पर वनवासियों का अधिकार तो मिलता ही है साथ मे वनों के संरक्षण की भी जिम्मेदारी मिलती है। उन्होंने जिले में गिरदावरी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इस बार पारदर्शी तरीके से गिरदावरी की गई है।

गिरदावरी में करीब 5 हजार हेक्टेयर का अंतर आया है। पिंगुआ ने बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि कुपोषित बच्चो को दिए जाने वाले रेडी टू ईट एवं अंडा वितरण की ठीक से मॉनिटरिंग करें।

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परंपरागत सोच बदले वन विभाग
प्रभारी सचिव ने संभाग में वनाधिकार पत्र वितरण में धीमी प्रगति पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि सरगुजा संभाग (Surguja region) वनवासी बाहुल्य क्षेत्र है लेकिन वनाधिकार पत्र वितरण में प्रगति औसत है। वन अधिकार पत्र वितरण में सभी स्तर पर मॉनिटरिंग करे और प्रगति लाएं। किसी प्रकार की ढिलाई न आने दें।

डीएफओ (DFO) की जिम्मेदारी है कि वे जिलों में प्रगति लाएं। उन्होंने कहा कि वन भूमि पर जहां अतिक्रमण है उसे मुक्त कराएं। उन्होंने कहा कि अब वन विभाग को अपने परम्परागत सोच को बदलकर नवीन दिशा में कार्य करना होगा। ऐसे कार्ययोजना बनायें जो लोकोन्मुखी हो, लोगों पर केंद्रित हो।





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