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Ambikapur News – 5 साल में 2 बार जीरो इयर घोषित हो चुका है मेडिकल कॉलेज, इस बार भी संघर्ष जारी, स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर

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Medical college: मेडिकल कॉलेज की मान्यता का काउंटडाउन शुरू, एमसीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में फैकल्टी का किया ऑनलाइन निरीक्षण, प्रबंधन को सत्र 2020-21 के लिए मान्यता मिलने का पूरा भरोसा

अंबिकापुर. अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के सत्र 2020-21 की मान्यता के लिए मंगलवार को एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) ने ऑनलाइन निरीक्षण किया। कोरोना महामरी को देखते हुए यह पहली बार नया प्रयोग किया गया है। एमसीआई की टीम ने वीडियो कॉन्फे्रंसिंग के तहत मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

इससे पूर्व एमसीआई के निर्देश पर कॉलेज प्रशासन द्वारा दूर की गई कमियों का दस्तावेज ऑनलाइन भेजा गया था। उसी के आधार पर एमसीआई ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निरीक्षण किया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरके सिंह ने मान्यता के प्रति काफी आश्वस्त नजर आए। (Medical college)

डीन ने बताया कि इस वर्ष Medical college जीरो इयर घोषित नहीं होगा। मान्यता मिलने की संभावना बनी हुई है, क्योंकि एमसीआई के गाइडलाइन के अनुसार सारी कमियों को पूर्ण कर लिया गया है। गौरतलब है कि पिछले 5 साल में मेडिकल कॉलेज 2 बार जीरो इयर घोषित हो चुका है। इस बार स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिष्ठा भी दांव पर है।

इससे पूर्व नवंबर 2019 में एमसीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज (Medical college) के 5वें सत्र की मान्यता के लिए निरीक्षण किया था। इस दौरान कॉलेज प्रशासन को कई कमियां गिनाई गर्इं थीं और इसे दूर करने का समय दिया गया था। समय अवधि में कमियों को दूर कर एमसीआई को पुन: निरीक्षण के लिए कॉलेज प्रशासन इंतजार करता रहा पर कई डेटलाइन खत्म होने के बावजूद भी एमसीआई निरीक्षण के लिए नहीं पहुंची।

इस कारण वर्ष 2020-21 की मान्यता को लेकर संशय बना हुआ था। मार्च महीने से ही कोरोना संक्रमण के कारण एमसीआई टीम दौरा करने नहीं आ पाई। लगभगा ६ महीने तक एमसीआई का दौरा व मान्यता का मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। पूरा तंत्र कोरोना संक्रमण से निपटने में लगा रहा।

इस बीच एमसीआई के निर्देश पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज प्रशासन से ऑनलाइन फोटोग्राफ्स व दस्तावेज की मांग की गई थी। कॉलेज प्रशासन द्वारा ऑनलाइन भेजा गया था। इसक बाद एमसीआई की टीम ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन निरीक्षण किया।

दो बार हो चुका है जीरो इयर घोषित
पांच वर्ष में दो बार जीरो इयर घोषित हो चुके मेडिकल कालेज (Medical college) अंबिकापुर के पांचवें बैच की मान्यता को लेकर संघर्ष जारी है। मान्यता को लेकर स्वास्थ्य मंत्री की भी प्रतिष्ठा दांव पर है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निरीक्षण किया था और कमियों को दूर करने के निर्देश दिए थे।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने प्रबंधन को दो टूक कहा था कि इस बार किसी भी स्थिति में जीरो इयर घोषित नहीं होना चाहिए। जो भी कमी है उसे बताएं और दूर करें। बताते चलें कि पहली बार अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की मान्यता वर्ष 2016-17 में मिली थी।

इसके बाद वर्ष 2017-18 में कमियों को दूर नहीं होने के कारण जीरो इयर घोषित कर दिया गया था। वहीं 2018-19 में मान्यता मिली थी। जबकि 2019-20 में जीरो इयर घोषित कर दिया गया था। पांचवें सत्र 2020-21 की मान्यता के लिए संघर्ष जारी है।

उपकरण पूरे, बिल्डिंग का काम मात्र 20 फीसदी
नवंबर 2019 में पांचवें सत्र के लिए निरीक्षण करने पहुंची एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) की टीम ने सत्र 2020-21 के लिए कई कमियां गिनार्इं थीं। इसमें फैकल्टी की कमी जो कॉलेज प्रशासन द्वारा लगभग दूर कर ली गई है। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरके सिंह का कहना है कि फैकल्टी की कमी नहीं है। उसे दूर कर लिया गया है। दूसरी कमी उपकरण की थी। इसे भी दूर कर लिया गया है।

सबसे बड़ी उपलब्धि मेडिकल कॉलेज के लिए वायरोलॉजी लैब है, जो कोरोना काल में पूर्ण कर लिया गया है। वहीं सीटी स्कैन मशीन, सहित अन्य उपकरण भी लगा लिए गए हैं। लेक्चरर हॉल की कमी को भी दूर कर लिया गया है। जबकि कॉलेज भवन अभी पूर्ण नहीं हो सका है। कॉलेज भवन का निर्माण मात्र २० फीसदी ही हो सका है।

मान्यता मिलने पर 125 सीट पर होगी एमबीबीएस की पढ़ाई
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरके सिंह ने बताया कि सत्र 2020-21 एमसीआई द्वारा मान्यता मिलती है तो एमबीबीएस के 100 सीट के साथ-साथ ईडब्ल्यूएस (इकोनॉमिक वीकर सेक्शन) कैटेगरी से 25 सीट का भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

चिकित्सकों की हुई हेड काउंटिंग
एमसीआई द्वारा ऑनलाइन निरीक्षण की जानकारी चिकित्सकों को पहले ही दे दी गई थी। प्रत्येक विभाग के चिकित्सक हेड काउंटिंग के लिए समय पर पहुंचे हुए थे। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरके सिंह ने बताया कि कॉलेज में चिकित्सकों की कमी नहीं है।











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