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Ambikapur News – World Rabies Day 2020: कुत्तों के बधियाकरण का मामला निगम के ठंडे बस्ते में, शहर में घूम रहे बेहिसाब आवारा कुत्ते

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World Rabies day: अंबिकापुर शहर समेत सरगुजा जिले में आए दिन कुत्तों के काटने से घायल होने की सामने आती रहती हैं घटनाएं, रेबीज का इंजेक्शन (Anti Rabies injection) रोकता है बीमारी से

अंबिकापुर. हर वर्ष 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस (World Rabies day) मनाया जाता है। इस दिवस पर लोगों को रेबीज जैसी घातक बीमारी से कैसे बचा जाए, इसके लिए जागरुक करने का प्रयास किया जाता है।

सरगुजा संभाग में इन दिनों कुत्तों की संख्या बेहिसाब है। अंबिकापुर निगम सरकार (Corporation government) द्वारा शहर घूम रहे आवारा कुत्तों को पकडक़र बधियाकरण करने की योजना लाई गई थी, लेकिन धरातल पर उतरने से पहले ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

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आवारा कुत्तों (Stray dogs) के काटने की घटनाएं आए दिन सामने आती रहती हैं। ग्रामीण इलाकों में ऐसी घटनाएं अधिक देखने को मिलती हैं। डॉ. दिनेश देवांगन का कहना है कि कुत्ते के काटने के अमूमन 24 घंटे के भीतर पहला एंटीरेबीज इंजेक्शन लग जाना चाहिए, ऐसे में रेबीज का खतरा कम हो जाता है।

वहीं कुत्ते पर भी नजर बनाए रखनी चाहिए। वहीं किसी भी हालत में 72 घंटे की समयावधि के भीतर इंजेक्शन लग जाना चाहिए। यदि कुत्ता 3 दिन के भीतर मर जाता है तो ऐसा माना जाता है कि कुत्ते को रेबीज था। यदि 10 दिन से अधिक समय तक वह जिंदा रहता है तो रेबीज का खतरा कम होता है।

वहीं कई लोग अपने पालतू कुत्ते को एंटीरेबीज (Anti rabies) का इंजेक्शन लगवाकर रखते हैं, ऐसे में उनके काटने से घातक बीमारी का खतरा कम रहता है, फिर भी एहतियातन इंजेक्शन सही समय पर लगवा लेना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में एंटीरेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध हैं।

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निगम ने बधियाकरण की लाई थी योजना
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व अंबिकापुर नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या तथा उनकी आक्रामकता को देखते हुए उन्हें पकडक़र बधियाकरण (Castration) करने की योजना लाई गई थी लेकिन धरातल पर उतरने से पहले ही वह दम तोड़ गई। अब मामला पूरी तरह से ठंडे बस्ते में है।

कई देशों में मनाया जाता है विश्व रेबीज दिवस
हर वर्ष 28 दिसंबर को मनाया जाने वाला विश्व रेबीज दिवस संयुक्त राष्ट्र अमेरिका समेत कई देशों द्वारा मनाया जाता है। रेबीज 100 प्रतिशत रोके जाने वाली बीमारी है। बस लोगों को इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए तथा अन्य लोगों को जागरुक करना चाहिए।





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