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Breaking News- क्रूर हिटलर का इकलौता सिपाही, जिसे यहूदियों ने दी अपने दिल में जगह

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नई दिल्ली: इतिहास से बड़ा प्रोफेसर कोई नहीं. आज हम आपको 9 अक्टूबर को इतिहास के पन्नों में दर्ज कुछ घटनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं. कुछ घटनाएं आपका सीना चौड़ा करेंगी तो कुछ सोचने पर मजबूर कर सकती हैं. 

प्रादेशिक सेना का गठन
वर्ष 1949 में आज ही के दिन भारत में Territorial Army यानी प्रादेशिक सेना का गठन किया गया था. ये देश के नागरिकों के लिए एक अंशकालिक सेवा है. यानी, आप अपनी नौकरी या अपना पेशा छोड़े बिना Territorial Army के लिए काम कर सकते हैं. इसके लिए आपकी ट्रेनिंग होगी और ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब भी और जहां भी आपकी जरूरत होगी, आपको बुलाया जाएगा. प्रादेशिक सेना ने 1962, 1965 और 1971 के युद्ध में हिस्सा लिया था. वर्ष 2008 में कपिल देव और वर्ष 2011 में महेंद्र सिंह धोनी को Territorial Army में Lieutenant Colonel की रैंक दी गई. धोनी 106 Territorial Army Battalion में हैं, इसी साल अगस्त में वो खेल का मैदान छोड़कर जम्मू-कश्मीर में सेना के साथ ड्यूटी में शामिल हुए थे.

उस्ताद अमजद अली खान का जन्म
वर्ष 1945 में आज ही के दिन मशहूर सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान का जन्म हुआ था. उनके पिता उस्ताद हाफ़िज़ अली खान ग्वालियर राज-दरबार के मशहूर संगीतकार थे. कहा जाता है कि इसी परिवार ने ईरान के लोक-वाद्य ‘रबाब’ में भारतीय संगीत के मुताबिक बदलाव किया और उसे ‘सरोद’ नाम दिया. अमजद अली खान ने सिर्फ 6 साल की उम्र में अपना पहला Performance दिया था. 24 अक्टूबर 2018 को संयुक्त राष्ट्र में आयोजित विशेष सभा में महात्मा गांधी को संगीत के ज़रिए श्रद्धांजलि देने के लिए उस्ताद अमजद अली खान को बुलाया गया था.

ऑस्कर शिंडलर का निधन
German उद्योगपति, जासूस और नाज़ी पार्टी के सदस्य Oskar Schindler (ऑस्कर शिंडलर ) का निधन आज ही के दिन वर्ष 1974 में हुआ था. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हुए नरसंहार में शिंडलर ने करीब 1200 यहूदियों को हिटलर के कहर से बचाया था. उनकी जिंदगी पर वर्ष 1982 में एक उपन्यास लिखा गया था और उसी उपन्यास के आधार पर एक फिल्म बनी थी जिसका नाम था Schindler’s List. शिंडलर की मौत जर्मनी में हुई और उन्हें Jerusalem के Mount Zion ( माउंट ज़ायौन ) में दफनाया गया. वो नाज़ी पार्टी के अकेले ऐसे सदस्य थे जिन्हें ये सम्मान दिया गया.

चे गेवारा की गोली मारकर हत्या
वर्ष 1967 में आज ही के दिन महान क्रांतिकारी और गुरिल्ला नेता Che Guevara ( चे गेवारा) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्हें अपनी मौत से एक दिन पहले यानी 8 अक्टूबर को Bolivia के जंगलों में गिरफ़्तार किया गया था । Che Guevara (चे गेवारा ) अर्जेन्टीना के मार्क्सवादी क्रांतिकारी थे। उन्हें क्यूबा में हुई क्रांति का मुख्य नायक माना जाता है । वो एक गुरिल्ला नेता होने के साथ साथ, एक डॉक्टर, लेखक और कूटनीतिज्ञ भी थे । आज भी दुनिया भर में लोग उनके स्केच और तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनते हैं और उन्हें एक नायक के तौर पर याद करते हैं।

और

विश्व डाक दिवस 
आज विश्व डाक दिवस भी है. वर्ष 1874 में आज ही के दिन ‘यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन’ के गठन के लिए स्विटजरलैंड में 22 देशों ने एक संधि पर हस्ताक्षर किया था. भारत का पहला डाक घर 1774 में कलकत्ता में शुरू हुआ. इसी तरह हमारे देश में पिन कोड नंबर की शुरुआत 15 अगस्त, 1972 को हुई थी. Whatsapp के ज़माने में अब पोस्ट ऑफिस और पोस्ट मैन की उपयोगिता कम हो गई है और डाकिया गुज़रे ज़माने की यादों में कहीं खो गया है. निदा फ़ाज़ली की एक कविता है-
‘सीधा-सादा डाकिया जादू करे महान, एक ही थैले में रखे आंसू और मुस्कान’

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