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Breaking News- दुनिया का मानक समय क्या होगा? ये आज ही के दिन हुआ था तय

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नई दिल्ली: वर्ष 1884 में आज ही के दिन ये तय किया गया था कि Greenwich Mean Time, दुनिया का मानक समय होगा. ग्रीनिच दक्षिण पूर्वी लंदन का एक हिस्सा है. इसे आज भी दुनियाभर में अलग अलग देशों में सही समय जानने के लिए एक रेफरेंस के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. उदाहरण के लिए इंडियन स्टैंडर्ड टाइम यानी भारत का समय जानने के लिए ग्रीनिच मीन टाइम में साढ़े 5 घंटे जोड़ने पड़ते हैं. इससे हम ये जान पाते हैं कि लंदन का समय भारतीय शहरों के समय से साढ़े पांच घंटे पीछे है.

किशोर कुमार की पुण्यतिथि
1987 में आज भारतीय सिनेमा के सदाबहार गायक किशोर कुमार का निधन मुंबई में हुआ था. किशोर कुमार गायक होने के साथ साथ, अभिनेता, गीतकार, संगीतकार, निर्देशक, और पटकथा लेखक भी थे. उन्होंने मशहूर फिल्म स्टूडियो बॉम्बे टॉकीज में एक Chorus Singer के तौर पर अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. उनकी पहली फिल्म वर्ष 1946 में आई थी जिसका नाम था- शिकारी. इसके बाद वो अपनी आवाज़ के दम पर लगातार कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते गए. आज भी शाम चाहे तन्हाइयों से भरी हो या खुशियों से, किशोर कुमार के गानों के बिना नहीं गुजरती.

किशोर कुमार के बारे में एक मजेदार बात ये है कि एक अभिनेता के रूप में फिल्मी दुनिया में उनकी शुरुआत हुई थी और कई फिल्मों में गायक मोहम्मद रफी ने उन्हें अपनी आवाज दी थी. फिल्म ‘रागिनी’ और ‘शरारत’ में किशोर कुमार को अपनी आवाज देने के लिए, मोहम्मद रफी ने सिर्फ एक रुपये का मेहनताना लिया था.

अभिनेता अशोक कुमार का जन्मदिन
वर्ष 1911 में आज ही के दिन किशोर कुमार के बड़े भाई और मशहूर अभिनेता अशोक कुमार का जन्म हुआ था. हिन्दी सिनेमा में उन्हें दादा मुनि भी कहा जाता है. अशोक कुमार को फिल्मों और कला के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म भूषण और दादा साहेब फालके अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. अशोक कुमार के साथ उनके भाई किशोर कुमार और अनूप कुमार ने फिल्म चलती का नाम गाड़ी में अभिनय भी किया था, इस फिल्म को एक क्लासिक कॉमेडी फिल्म माना जाता है. अशोक कुमार और किशोर कुमार सगे भाई थे और ये बड़ा अजीब इत्तेफाक है कि अशोक कुमार के जन्मदिन के दिन ही किशोर कुमार ने अपनी आखिरी सांस ली थी.

नुसरत फतेह अली खान का जन्म
1948 में आज विश्वप्रसिद्ध सूफी गायक, नुसरत फतेह अली खान का जन्म हुआ था. उन्होंने 16 साल की उम्र में अपनी पहली पब्लिक परफॉर्मेंस दी थी. नुसरत फतेह अली खान को उनकी गायकी के लिए “शहंशाह-ए-कव्वाली” भी कहा जाता था. उन्होंने सूफी संगीत को पूरी दुनिया में नई पहचान दिलाई.

बॉब डिलन को साहित्य का नोबेल पुरस्कार
आज ही के दिन 2016 में अमेरिकी सिंगर और सॉन्ग राइटर बॉब डिलन को साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया था. उन्हें संगीत की दुनिया के सबसे बड़े कलाकारों में गिना जाता है. उनके लिखे गीतों ने पिछले 6 दशकों में पूरी दुनिया के लोगों को प्रभावित किया है. बॉब डिलन को 11 ग्रैमी अवॉर्ड और एक ऑस्कर अवॉर्ड भी दिया जा चुका है. बॉब डिलन को नोबेल पुरस्कार मिलना अपने आप में एक सरप्राइज था. क्योंकि, आम तौर पर किसी सिंगर और सॉन्ग राइटर को साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाता.

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