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Breaking News- DNA ANALYSIS:पाकिस्तान में फौज और पुलिस आमने-सामने, बन रहे हैं गृहयुद्ध के हालात

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कराची: पाकिस्तान में इस वक्त हालात ऐसे बने हुए हैं. जिसे देखकर ऐसा लग रहा है कि वहां गृहयुद्ध होने वाला है. पाकिस्तान की सेना और पुलिस आमने सामने आ गई है. इस टकराव से वहां गृह युद्ध यानी Civil War की शुरुआत हो सकती है.

11 विपक्षी दलों की रैली से बाजवा- इमरान की उड़ी नींद
दरअसल पिछले एक हफ्ते में पाकिस्तान के गुजरांवाला और कराची में 11 विपक्षी दलों की हुई दो बड़ी रैलियां हुई हैं. इन रैलियों को मिले जनसमर्थन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की नींद उड़ा दी है. महंगाई की वजह से पाकिस्तान की जनता इमरान ख़ान से नाराज है. पाकिस्तान में विपक्ष, पुलिस और जनता का अब एक ऐसा Traingle तैयार हो गया है. जिसमें प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा बुरी तरह फंस चुके हैं. 

सेना के दबाव में सिंध पुलिस ने नवाज शरीफ के दामाद को गिरफ्तार किया
कराची में 18 अक्टूबर को विपक्षी दलों की इमरान ख़ान सरकार के खिलाफ एक बड़ी रैली हुई. इसके अगले दिन सिंध की पुलिस उस होटल में पहुंच गई जहां नवाज़ शरीफ के दामाद मोहम्मद सफदर और उनकी पत्नी मरियम नवाज शरीफ मौजूद थीं. पुलिस इन दोनों के कमरे का दरवाज़ा तोड़कर अंदर घुस गई और मोहम्मद सफदर को गिरफ्तार कर लिया गया. इस गिरफ्तारी के फौरन बाद सिंध प्रांत के Inspector General Of Police मश्ताक महर ने लंबी छुट्टी की अर्जी लगा दी.

IG की देखादेखी बाकी पुलिस अफसरों ने भी लंबी छुट्टी मांगी
IG की देखा देखी सिंध के बाकी बड़े पुलिस अधिकारियों ने भी छुट्टी पर जाने की अनुमति मांग ली. रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने आईजी मुश्ताक महर को किडनैप करके मोहम्मद सफदर के गिरफ्तारी आदेश पर दस्तखत कराए थे. आईजी के अपरहण की खबर से सिंध प्रांत की पुलिस में हड़कंप मच गया. सेना के खिलाफ गुस्सा जाहिर करने के लिए सिंध प्रांत के सैकड़ों पुलिस अधिकारियों ने भी सोशल मीडिया में छुट्टी पर जाने की अर्जी पोस्ट कर दी. पाकिस्तान में ऐसा पहली बार हुआ है जब सेना के खिलाफ किसी प्रांत की पुलिस ने खुलेआम विद्रोह कर दिया.

सिंध प्रांत बार काउंसिल ने प्रस्ताव पास किया
सिंध प्रांत की बार काउंसिल ने भी आईजी को अगवा किए जाने की घटना पर चिंता जाहिर की है. सिंध बार काउंसिल ने पाकिस्तानी सेना पर सीधा आरोप लगाया है और कहा है कि
– ऐसा करने से पुलिस फोर्स का मनोबल गिरा है.
– पुलिस के कामकाज में दखल से देने से कानून व्यवस्था प्रभावित हुई
– पाकिस्तान की न्यायपालिका मूक दर्शक बनी हुई है
– नागरिक प्रशासन में सेना को दखल नहीं देना चाहिए
– चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान को घटना का संज्ञान लेना चाहिए

कराची के गुलशन ए इकबाल इलाके में हुआ धमाका
ये सब हो ही रहा था कि इस बीच बुधवार सुबह कराची के गुलशन-ए-इकबाल इलाके में ज़बरदस्त ब्लास्ट हुआ.  धमाके में 5 लोग मारे गए और 20 से अधिक लोग घायल हो गए. वैसे तो पाकिस्तान में आए दिन इस तरह के धमाके और आतंकवादी हमले होते रहते हैं लेकिन ब्लास्ट के पीछे जो साजिश सामने आई है वो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसा दावा है कि सिंध पुलिस की आवाज़ को दबाने के लिए पाकिस्तान की सेना ने इस ब्लास्ट की साजिश रची थी. 

लोगों को ध्यान भटकाने की कोशिश में है पाकिस्तानी सेना
पाकिस्तान की सेना अच्छे से समझ रही थी कि पुलिस विद्रोह के मुखर होने से सेना और सरकार की किरकिरी होगी. शहर में धमाका होगा तो पुलिस का ध्यान कानून व्यवस्था संभालने में लग जाएगा और विरोध की आवाज थम एगी.आखिर पाकिस्तान जैसे देश का क्या भविष्य है. जहां सेना अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए अपने ही नागरिकों का क़त्ल कर देती है. बम ब्लास्ट करवा देती है.

सिंध पुलिस के साथ खड़े हुए बिलावल भुट्टो
पाकिस्तान के विपक्षी दल इस मौके को हाथ से नहीं निकलने देना चाहते. पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मौजूदा समय में पीपीपी यानी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सरकार है. पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने सेना द्वारा पुलिस आईजी को अगवा किए जाने की निंदा की है. साथ ही उन्होंने सिंध पुलिस अधिकारियों के साथ एक तस्वीर Tweet की है, तस्वीर के साथ उन्होंने हैशटैग इस्तेमाल किया है. जिसमें लिखा है #WeStandWithSindhPolice

नवाज शरीफ ने हालात पर चिंता जाहिर की
पाकिस्तान की सेना का नाम भले ही बिलावल भुट्टो ने नहीं लिया लेकिन जिस तरह से वो सिंध पुलिस के साथ खड़े हैं, वो पाकिस्तान की सेना और इमरान ख़ान के लिए सीधी चुनौती है. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ जो इस समय लंदन में हैं. उन्होंने भी पुलिस और सेना के बीच चल रहे टकराव पर गंभीर चिंता जाहिर की है.

बाजवा ने दिए जांच के आदेश
पाकिस्तान में विपक्षी राजनीतिक दलों के रुख और सिंध सिपाही विद्रोह ने जनरल बाजवा को बैकफुट पर ला दिया. उन्होंने बिलावल भुट्टो से फोन पर बात की है और पूरे घटनाक्रम में जांच के आदेश दिए. आईजी मुश्ताक़ महर ने 10 दिनों तक अपनी छुट्टी पर नहीं जाने का फैसला किया है लेकिन कराची की सड़कों पर हालात सामान्य नहीं हैं.

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