Connect with us

India News

Breaking News- DNA ANALYSIS: बिहार की राजनीति ने बदला रुख, अब ‘फ्री वैक्सीन’ के मुद्दे पर होगी वोटिंग!

Published

on


नई दिल्ली: आज देश की राजनीति (Politics) में एक नए दौर की शुरुआत हुई है. ‘वैक्सीन वाले राष्ट्रवाद’ के बाद आज लोगों का परिचय ‘वैक्सीन वाली राजनीति’ से भी हो गया है. देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने पटना में बिहार चुनाव (Bihar Assembly Election) के लिए बीजेपी (BJP) का घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus) की वैक्सीन बिहार के लोगों को मुफ्त में दी जाएगी. 

देश भर में छीड़ी नई बहस
निर्मला सीतारमण के इस बयान के बाद अब अलग-अलग पार्टियां अपने वोटर्स से ऐसा ही वादा करने लगी हैं. तमिलनाडु और मध्य प्रदेश की सरकार ने भी अपने लोगों को फ्री में कोरोना वायरस वैक्सीन दिए जाने का ऐलान कर दिया. इसके बाद से ये कयास भी लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में ऐसा वादा करने वाले नेताओं और पार्टियों की लाइन लगने वाली है. 

1971 से शुरू हुई नारों की राजनीति
वर्ष 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने एक बहुत मशहूर नारा दिया था, जो था गरीबी हटाओ. 49 वर्ष बीत गए, लेकिन देश से गरीबी नहीं हटी. इस बीच 70 और 80 के दशक में एक नया नारा आया जो था रोटी कपड़ा और मकान. आपको याद होगा 1974 में रोटी कपड़ा और मकान नाम से ही एक मशहूर फिल्म भी आई थी. इसके बाद 90 के दशक में एक नया नारा आया जो था बिजली सड़क पानी. इसके बाद लोन माफी और मुफ्त में घरेलू सामान देने के चुनावी वादों की शुरुआत हुई. और आज के दौर का नया चुनावी नारा है फ्री वैक्सीन.

अधिकारों को चुनावी वादों की शक्ल दे रहीं राजनैतिक पार्टियां
अब इस नारे से दो बातें साफ होती हैं. पहली तो ये कि अब लोगों के स्वास्थ्य का मुद्दा राजनीति में सबसे ऊपर आ गया है और अब सड़क पानी बिजली या गरीबी हटाने के नाम पर नहीं बल्कि लोगों का स्वास्थ्य बेहतर करने के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं. लेकिन इसका दूसरा पहलू ये है कि जिस तरह रोटी कपड़ा, मकान और सडक बिजली पानी आपका बुनियादी अधिकार हैं, उसी तरह खतरनाक वायरस के खिलाफ वैक्सीन हासिल करना भी आपका बुनियादी अधिकार है. लेकिन दशकों से पार्टियां आपके अधिकार छीनकर चुनावी वादों की शक्ल में आपके अधिकारों को आपको ही बेच रही हैं और अब भी यही हो रहा है.

वैक्सीन बनाना कोई खेल नहीं!
बिहार में इसी महीने की 28 तारीख को पहले चरण की वोटिंग होगी. नतीजे 10 नवंबर को आएंगे. यानी आज से 19 दिनों के बाद बिहार की जनता नेताओं से ये पूछना शुरू कर देगी कि उनके वादों का क्या हुआ. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी महामारी के खिलाफ वैक्सीन बनाना 10 बीस दिनों, या दस-बीस महीनों की बात नहीं है. इसमें वर्षों का समय लग जाता है. किसी भी बड़ी बीमारी की वैक्सीन के रिसर्च, ट्रायल और लोगों तक पुहंचने में 10 वर्ष तक का समय लग सकता है. और ये बात हम ऐसे ही नहीं कह रहे, बल्कि इतिहास इस बात का गवाह है.

इन बीमारियों का टीका बनाने में लगा लंबा समय
उदाहरण के लिए, पोलियो की वैक्सीन तैयार होने में 47 वर्ष का समय लगा. चिकन पॉक्स के खिलाफ वैक्सीन बनाने में 42 वर्ष और इबोला की वैक्सीन तैयार करने में 43 वर्ष लग गए थे. हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन तैयार होने में 13 वर्ष का समय लगा. और इसमें सबसे बड़ा उदाहरण है एचआईवी एड्स की महामारी, जिसके संक्रमण का पहला मामला 1959 में आया था. लेकिन आज 61 वर्ष बीत जाने के बाद भी इसका इलाज नहीं ढूंढा जा सका है. 

अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन बनी ये बीमारी
भारत में तो राजनेता आज लोगों के स्वास्थ्य और वैक्सीन को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं. लेकिन अमेरिका जैसे देशों में इसकी शुरुआत 80 के दशक में ही हो गई थी. 1987 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड विलसन रीगन ने एड्स को अमेरिका का दुश्मन नंबर वन बताया था और अपने देश के लोगों से वादा किया था कि वो एड्स के खिलाफ वैक्सीन जल्द ही बना ली जाएगी. लेकिन रीगन के उस वादे को 33 साल बीत चुके हैं फिर भी इस बीमारी की वैक्सीन नहीं बनाई जा सकी है. जबकि इससे अब तक 77 लाख लोग मारे जा चुके हैं. 

स्वास्थ्य का मुद्दा चुनाव में सबसे ऊपर
इन सबके बीच एक अच्छी बात ये हुई है सारी बहस के बावजूद, आपके स्वास्थ्य का मुद्दा राजनैतिक एजेंडे में सबसे ऊपर आ गया है. हम हमेशा से कहते हैं आए हैं जनता का स्वास्थ्य नेताओं की प्राथमिकता होना चाहिए. और हमें खुशी है कि आखिरकार ऐसा हो रहा है. आज के दौर में आपका स्वास्थ्य और आपकी इम्युनिटी सबसे बड़ा पासपोर्ट है. जो नेता आपको स्वास्थ्य का ये पासपोर्ट दे पाएंगे वही जीत का टिकट हासिल कर पाएंगे.

LIVE TV



Source link

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 942 other subscribers

Recent Posts

Facebook

Categories

Our Other Site

Trending