Connect with us

India News

Breaking News- DNA ANALYSIS:24 घंटे मुस्तैद रहने के बावजूद नहीं मिलता सम्मान, पुलिस डयूटी की विडंबना

Published

on


नई दिल्ली: पुलिस एक आम आदमी को सुरक्षा का भरोसा देती है तो अपराधियों के मन में खौफ पैदा करती है. लेकिन फिर भी हमारे देश में कानून की रक्षा करने वाले इन पुलिसकर्मियों को उनके हिस्से का सम्मान नहीं मिल पाता है.

चीन के हमले में CRPF के 10 जवान शहीद हुए थे
पूरे देश में बुधवार को Police Commemoration Day यानी पुलिस स्मृति दिवस मनाया जा रहा है. ये दिन वर्ष 1959 में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए भारतीय अर्धसैनिक बलों के जवानों की याद में मनाया जाता है. तब लद्दाख में 16 हज़ार Feet की ऊंचाई पर चीन की सेना और CRPF के जवानों के बीच एक संघर्ष हुआ था. LAC यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के सैनिकों ने इस हमले की शुरुआत की थी. और लद्दाख के Hot Springs में हुए इस हमले में CRPF के 10 जवान शहीद हुए थे. 

21 अक्टूबर से भारत-चीन में युद्ध शुरू हुआ था
21 अक्टूबर से भारत और चीन के बीच वर्ष 1962 में युद्ध शुरू हुआ था. लेकिन LAC पर चीन की तरफ से हमले की शुरुआत उससे पहले ही हो गई थी. CRPF के जवानों ने मुश्किल परिस्थितियों में सीमाओं की रक्षा की थी. पूरे देश के पुलिसकर्मियों के लिए Hot Springs का इलाका किसी तीर्थस्थल जैसा पवित्र है. 

आजादी से अब तक 35 हजार पुलिसकर्मी दे चुके हैं बलिदान
15 अगस्त 1947 से लेकर अब तक 35 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों ने अपना बलिदान दिया है. देशभर के पुलिस के जवानों ने COVID-19 के इस संकटकाल में लोगों की रक्षा के लिए बहुत काम किया है. एक रिसर्च के मुताबिक देशभर में 1 लाख 35 हज़ार से अधिक पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए और 800 से ज्यादा ने अपनी जान गंवाई है. यानी आपकी सुरक्षा में पुलिसकर्मी दिन-रात लगे हुए हैं.

24 घंटे डयूटी के बावजूद नहीं मिल पाता सम्मान
इस बलिदान के बाद भी पुलिसकर्मियों को कभी उनकी सेवा का वो पुरस्कार नहीं मिल पाता, जो उन्हें मिलना चाहिए . हालांकि पुलिस सेवा में भी कुछ बुरे लोग हैं. लेकिन पुलिस की छवि को खराब करने में सबसे बड़ा रोल फिल्मों का है. आपने फिल्मों में देखा होगा. अक्सर लूटपाट या हत्या होने के बाद ही पुलिस पहुंचती है. फिल्मों में पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते हुए दिखाया जाता है. यानी फिल्मों में खाकी वर्दी का सिर्फ एक ही मतलब होता है और वो है Villain 

पुलिस की छवि खराब करने में बॉलीवुड  का बड़ा योगदान
हालांकि इसी बॉलीवुड ने अपराधियों को हीरो बना दिया. फिल्मों में Criminals को इस तरह दिखाया जाता है मानो वही समाज के सच्चे नायक हैं. फिल्मों में पुलिस का हमेशा लेट पहुंचना कोई इत्तेफाक नहीं था बल्कि इससे पुलिस वालों की छवि बहुत खराब हुई. हालांकि आज जब बॉलीवुड पर संकट आया तो ऐसी फिल्में बनानेवाले एक हो गए हैं. लेकिन बॉलीवुड की फिल्मों ने समाज का बंटवारा कर दिया. अगर आप पुलिस पर भरोसा नहीं करते हैं तो उसकी एक बड़ी वजह बॉलीवुड की फिल्में हैं.

LIVE TV



Source link

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 942 other subscribers

Recent Posts

Facebook

Categories

Our Other Site

Trending