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Breaking News- TRP घोटाला: टीवी देखने वाले देश के 20 करोड़ परिवारों से यूं हुआ सबसे बड़ा ‘धोखा’

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नई दिल्ली: जिन न्यूज़ चैनल्स पर जिम्मेदारी है देश को खबर देकर खबरदार करने की. अब उन्हीं में से कुछ न्यूज़ चैनल कठघरे में खड़े हैं. इनमें सबसे बड़ा नाम है रिपब्लिक टीवी नेटवर्क का. मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने 
Republic Television पर आरोप लगाया है कि ये चैनल कुछ लोगों को हर महीने 400 से 500 रुपये का लालच देकर अपनी TRP बढ़ा रहा था.

BARC ने की थी पुलिस में शिकायत
इस घोटाले का खुलासा मुंबई पुलिस की कार्रवाई से हुआ है. मामले की शिकायत TRP बताने वाली एजेंसी BARC  ने खुद की थी. सूत्रों के मुताबिक TRP घोटाले में मुंबई पुलिस के पास कई अहम सबूत हैं. मुंबई पुलिस ने इस मामले
में विशाल भंडारी नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है…लेकिन सूत्रों का कहना है कि टीआरपी के इस पूरे खेल में संजू राव नाम का शख्स बड़ी मछली है.

चैनल की ओर से संजू राव करता था TRP को मैनुपुलेट
बताया जा रहा है कि संजू राव ही विशाल भंडारी को चैनल्स की लिस्ट दिया करता था. जिसके बाद विशाल भंडारी उन घरों में रहने वाले लोगों से संपर्क कर पैसे पहुंचाया करता था. वे पैसे भी संजू राव ही देता था. TRP घोटाले पर मुंबई 
पुलिस के खुलासे के बाद रेटिंग एजेंसी BARC ने भी बयान जारी कर जांच का स्वागत किया है. साथ ही जांच में हर मदद देने का भरोसा भी जताया है. 

शिवसेना ने अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी की मांग की
वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर राजनीति शुरू हो गई है. शिवसेना नेता प्रताप नाइक ने रिपब्लिक टीवी के अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार करने की मांग की है. इस मामले में सच क्या है, उसका सामने आना बेहद जरूरी है. यह सवाल देश के भरोसे का है. TRP की इस चोरी की तुलना आप बूथ  कैप्चरिंग से कर सकते हैं. नेताओं के लिए जो महत्व वोटों का है, टीवी चैनलों के लिए वही महत्व TRP का है.

चुनावों में धांधली पर दोषी पाई गई थी इंदिरा गांधी
वर्ष 1975 में चुनावों में धांधली के आरोप में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी दोषी पाईं गई थी. जिसके बाद कोर्ट ने उनका चुनाव रद्द करके उन पर 6 साल के लिए इलेक्शन लड़ने पर रोक लगा दी थी. ये इतना बड़ा मुद्दा बन गया था कि देश में इमरजेंसी लगा दी गई. यानी धांधली चाहे चुनावों मे हो या TRP में हो, लोकतंत्र के लिए दोनों ही हानिकारक हैं 

‘हंसा’ कंपनी के कर्मचारी खेल में शामिल थे
मुंबई पुलिस के मुताबिक इस घोटाले का खुलासा TRP बताने वाली एजेंसी  BARC से जुड़ी एक एजेंसी पर कार्रवाई से हुआ. पुलिस के मुताबिक BARC ने मुंबई में हंसा नाम की एजेंसी को TRP कैलकुलेट करने की ज़िम्मेदारी दी थी. TRP मापने के लिए मुम्बई में क़रीब 2000 बैरोमीटर लगाए गए हैं. मुंबई पुलिस ने बताया कि हंसा के कुछ पूर्व कर्मचारी रिपब्लिक समेत 3 चैनल्स को देखने का सौदा करते थे.

फर्जी TRP से कमाए करोड़ों रुपये
मुंबई पुलिस के मुताबिक रिपब्लिक समेत 3 चैनल्स ने फर्जी TRP के जरिए करोड़ों रुपए का मुनाफा कमाया. इसके लिए मुंबई में कई लोगों को रिपब्लिक TV पूरे दिन चलाकर रखने के लिए कहा गया था. भले वो TV देखें या नहीं. इसके लिए उन्हें 400 से 500 रुपए महीना भी मिलते थे. इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है.

अर्णब गोस्वामी से हो सकती है पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक इस TRP घोटाले को लेकर मुंबई पुलिस रिपब्लिक TV के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह से साफ कहा कि कोई व्यक्ति कितना भी ऊंचा हो, उसे पूछताछ के  लिए बुलाया जाएगा.

ये भी पढ़ें- TRP रैकेट: क्‍या रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्णब गोस्‍वामी की होगी गिरफ्तारी?

दो मराठी चैनलों के मालिक गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने इस TRP घोटाले में 2 चैनलों फख्त मराठी और बॉक्स सिनेमा के मालिकों को गिरफ्तार किया गया है. एक आरोपी के पास से 20 लाख रुपये जब्त किए गए हैं, जबकि बैंक लॉकर में 8.5 लाख रुपये मिले हैं. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि TRP घोटाले में सामने आए एडवटाइजर्स से भी पूछताछ होगी. रिपब्लिक टीवी के बैंक अकाउंट की जांच होगी और अगर कुछ आपत्तिजनक हुआ तो अकाउंट सील किए जा सकते हैं.

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