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Breaking News- Zee News के प्राइमटाइम शो DNA के नाम पर क्यों श्वेता सिंह ने चुप करवा दिया इस हाथरस वासी को

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नई दिल्ली : कई सालों से लगातार भारत के नंबर वन प्राइम टाइम शो ‘डीएनए’ (DNA) और ज़ी न्यूज (Zee News) के ए़डिटर सुधीर चौधरी (Sudhir Chaudhary) की लोकप्रियता का अंदाजा आप हाल ही में सामने आए इस घटनाक्रम से लगा सकते हैं. एक दलित लड़की की हत्या और तथाकथित रेप से चर्चा में आए हाथरस (Hathras) का सच दिखाने के दौरान बूलगढ़ी में सामने आई इस सच्चाई को आपको भी जरूर जानना चाहए. उस गांव में सनसनीखेज रिपोर्टिंग की गई जहां एक बेटी पर भयानक अत्याचार हुआ था.

श्वेता सिंह और हाथरस वासी
इस घटना के दो किरदार हैं, एक आज तक की एंकर श्वेता सिंह और दूसरे किरदार हैं एक हाथरस वासी, उनके पास श्वेता सिंह की तरह ड्रेस के कलर से मैच खाता डिजाइनर मास्क तो दूर मास्क भी नहीं था. लेकिन कोरोना को लेकर उनकी जागरूकता इतनी थी कि उन्होंने अपने सफेद साफे से चेहरे को ऐसे बांध लिया कि आंखों के अलावा कुछ दिख ही नहीं रहा था. 

एक संस्थान की संवेदनहीनता
आज तक की श्वेता सिंह को शायद इसीलिए वो सवाल पूछने के लिए सबसे कम हानिकारक लगे होंगे, क्योंकि ठीक उसी तरह से आज तक की एंकर चित्रा त्रिपाठी ने उस गांव से लापरवाही भरी रिपोर्टिंग की थी, जिसका खामियाजा उन्हें कोरोना पॉजीटिव होकर भुगतना पड़ा था और श्वेता ऐसा कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं थीं.

 

नहीं काम आया फौरी हिसाब
लेकिन जिसको उन्होंने सबसे कम हानिकारक समझा था, वो तो उनके लिए बड़ी दिक्कत लेकर आ गया. दरअसल हाथरस का वह जागरूक नागरिक सुधीर चौधरी का बड़ा फैन था, वो हाथरस में रहकर भी अपने जिले की खबरें स्थानीय अखबारों या स्थानीय लोगों से जानने की बजाय जी न्यूज और खासतौर पर सुधीर चौधरी के शो डीएनए से जानता था और आप उसका जोश देखकर जानेंगे कि वो केवल खबरें जानने के लिए डीएनए नहीं देखता बल्कि वो उन पर इतनी शिद्दत से यकीन भी करता है कि आज तक की मशहूर एंकर को भी सलाह दे रहा है कि आप डीएनए देखिए.

ये शाम 7.30 बजे के बाद की बात है, श्वेता सिंह ‘आज तक’ पर हाथरस से लाइव थीं, स्थानीय लोग या वहां आसपास के इलाके से आए लोगों को वो एक गुट बनाकर लाइव ले रही थीं. ऐसे में ये भाईसाहब उन्हें नजर आए, पूरे चेहरे को साफे से ढांके हुए, तो श्वेता सिंह ने उनसे ही उनकी राय मांग ली. मुद्दा था लड़की के भाई और मुख्य आरोपी के बीच की कॉल रिकॉर्डिंग के खुलासे का.

लाइव में ये हाथरस वासी बोल रहा था कि, ‘नहीं मैडम.. सबसे पहली बात तो ये है, जो सिम कार्ड है, लड़के का जो सिम कार्ड है, वो लड़के के नाम है…भाई के नाम है.. ठीक है? उसमें फरवरी से लेके अक्टूबर तक पांच घंटे की कॉल रिकॉर्डिंग है. तो अब इस जांच का तो इंतजार करो’… यहां तक सब ठीक चल रहा था, लेकिन जैसे ही हाथरस वासी भाईसाहब ने अगली लाइन बोली, श्वेता सिंह के मानो फ्यूज ही उड़ गया.

आम आदमी ने दिखाया आईना
उन्होंने उसी रौ में आगे कहा कि, ‘’अगर आप डीएनए देखो तो उसमें पता चलता है कि…’’ श्वेता सिंह के दिमाग में तेजी से गूंजा डीएनए..डीएनए…डीएनए….फौरन बीच में कूदी श्वेता सिंह, उसकी बात बीच में ही काट के बोलीं– ‘’आपको लग रहा है कि जांच का इंतजार करना चाहिए….’’. उसके बाद भाईसाहब की छुट्टी कर दी गई, बेचारा वो ये तक नहीं समझ पाया कि आखिर ऐसा क्या हो गया जो श्वेता सिंह ने उन्हे बात तक पूरी नहीं करने दी. 

DNA से लोगों को किस बात का डर?
अब वो बेचारा क्या जाने कि ‘डीएनए’ आखिर क्या बला है? ये तो श्वेता सिंह ही नहीं हर चैनल के वो प्राइम टाइम करने वाले एंकर भी बखूबी जानते हैं कि डीएनए से उन्हें क्यों समस्या है. इतने सालों से प्राइम टाइम का सरताज बना शो उनके दिमाग पर ऐसा हावी है कि वो 3 सेकंड भी उसका नाम सुनना बर्दाश्त नहीं कर सकते और वो भी लाइव में तो कतई नहीं.

भले ही श्वेता सिंह की आजतक के न्यूजरूम में तारीफ हुई हो कि उन्होंने समय से आजतक की स्क्रीन पर ‘डीएनए’ की भ्रूणहत्या कर दी लेकिन एक बात तो जी न्यूज के सभी पाठकों और दर्शकों को माननी ही पड़ेगी कि सुधीर चौधरी की लोकप्रियता की जड़ें कितनी गहरी है कि इतने छोटे से गांव में भी उनके इस कदर चाहने वाले हैं कि उनके शो की खबरों पर यकीन करके किसी से भी भिड़ जाते हैं, भले ही वो आज तक की एंकर श्वेता सिंह क्यों ना हो. वहीं इस पूरे वाकए की ये वीडियो क्लिप वायरल हो रही है.

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