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Shri Guru Charitra

Guru Charitra Parayan श्रीगुरुचरित्र पारायण

Shri Guru Charitra Adhyay

श्रीगुरुचरित्र पारायण (Guru Charitra Parayan) मराठी भाषा का एक बहुत ही प्रमुख पाठ है। श्री गुरुदेव दत्त के कई भक्त कई तरह की परेशानियों और सांसारिक समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए इस शास्त्र का पाठ कर रहे हैं। श्री गुरुचरित्र में भक्त की अटूट आस्था, श्रद्धा और विश्वास न केवल सभी परेशानियों को नष्ट करता है और उसे सभी प्रकार के सांसारिक सुखों को प्रदान करता है बल्कि उसकी आध्यात्मिक प्रगति भी करता है। गुरुचरित्र, शिष्य नामधारी और गुरु सिद्ध के बीच संवाद का एक भक्तिपूर्ण रूप है। गुरुचरित्र सरस्वती गंगाधर द्वारा लिखा गया है।

गुरुचरित्र के अध्याय:

गुरुचरित्र के कुल 52 अध्याय हैं।

पारायण की विधियाँ:

सात दिनों तक सामान्य भक्तों द्वारा पारायण किया जाता है। हालांकि, कुछ भक्त ऐसे हैं जो एक दिन या तीन दिन की प्रार्थना करते हैं। शुभ दिन, शुभ मुहूर्त पर पारायण शुरू करें। दत्त जयंती से पहले दत्त के जन्म तक परायण के लिए दिन की शुद्धि का अवलोकन करने की आवश्यकता नहीं है। इस वर्ष इस तरह के पारायण को 3 दिसंबर 2011 को शुरू किया जा सकता है और दत्त जयंती के दिन 10 दिसंबर 2011 को पूरा किया जा सकता है।

Guru Charitra Parayan Miracles

उन्होंने सप्तशती गुरुचरित्र नामक पुस्तक मराठी में लिखी है। परायण के लाभ: गुरुचरित्र परायण के कई लाभ हैं जैसे कि स्वास्थ्य, खरीद, संतान, धन, समृद्धि, सुख, समृद्धि, सभी परेशानियों से राहत, राक्षसों और कर्मों से मुक्ति, बीमारी से मुक्ति और अच्छे स्वास्थ्य, पारंगत गुरु की कृपा, अच्छे गुरुओं की प्राप्ति पाए जाते हैं।

इस तरह, श्री गुरुचरित्र, प्रसाद ग्रन्थ, वर्तमान तनावपूर्ण जीवन में हमारे लिए एक प्रकार का जीवन-दर्शन है। श्री गुरुदेव दत्त चरणि की प्रार्थना है कि भक्तों के सभी शुभ मनोरथ पूरे हों और इस पुस्तक के पाठ के साथ उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आनंद उठाया जाए।

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