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News – काबर बाढ़थे हिन्दू महीना

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हमर संस्करीति

एसो कुंवार महीना के नवरात ह एक महीना आगू घुंच गे हावय। पंडितमन पंचांग देख के बताइस कि दूठन कुंवार हे अउ दूसरइया कुवांर म नवरात मनाय जही।
पहिली कुंवार महीना ल मलमास, खरमास, अधिक मास नइते पुरुषोत्तम मास कहे जाथय। कोनो- कोनो डहर लौंग बाढ़े हवय कहे जाथय। ये महीना म सुभ काम जइसे- बर बिहाव, नवा दुकान खोलई, नवाघर बनई, सोना-चांदी बिसई मना करे जाथे। बताय जाथय कि हिन्दू पंचांग के जनम ह वैदिककाल म हो गे रिहिस। सूरुज देव ल जगत के आत्मा मान के काल के गिनती करे गिस। सूरुज अउ चंदा के दूरी, ठउर, गति के गिनती करके दिन, रात, बिहनिया अउ संझा बनाय गिस। एक बछर ल बारा महीना अउ एक हफ्ता ल सात दिन म बांटे गिस। ऐमा पांचठन बात तिथि, वार, नछत्र, योग, करन के धियान रखे गिस। तुलसीदास ह रामचरित मानस म राम जनम के बेरा म इही पांचों के बरनन करे हे। ‘जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल भ अनुकूल।Ó
वसिस्ठ सिद्धांत म बताय अनुसार हमर हिन्दू कैलेन्डर हा सूरुज महीना अउ चन्दा महीना के गिनती ले चलथे। वोकरे सेती बाढ़े खरमास ल चंदा मही कहे गे हे। वेद म बताय हे कि सौर बछर म 365 दिन 15 घटी 31 पल 30 विपल होथे अउ चन्दा बछर म 354 दिन 22 घटी 1 पल 23 विपल होथे। एक बछर म इंकर दूनों के अंतर 10 दिन 53 घटी 30 पल 7 विपल हो जाथे, जौन तीन बछर म एक महीना बन जाथे। ऐकरे सेती हर तीन बछर म एक चंदा महीना आगर हो जाथे। वो बछर बारा के जगा तेरा बछर हो जाथे।
तेरवां महीना ल सूरुज बछर अउ चंदा बछर के अंतर ल बरोबर करेबर बनाय गे हवय। हर तीन बछर म एक महीना बाढ़थे। वोकरो महीना ल फागुन ले कातिक महीना के बीच म रखे गे हावय। अंगरेजी कलेंडर म फरवरी महीना ह हर चार बछर म ओनतीस दिन के हो जाथय। काबर कि एक बछर ह 365 दिन अउ 6 घंटा के होथे। जउन चार बछर म 24 घंटा माने एक दिन हो जाथे। तब ऐला बरोबर करे बर फरवरी ल 29 दिन करे गिस।
नवा महीना बनाय के पाछू कथा हावय। भगवान बिसनु ह नरसिंग अवतार लेके इही महीना म हिरन्यकस्यप के वध करे रिहिस। अइसने द्वापर म भीस्म के मरनी के कथा घलो मल मास ले जुड़े हवय। भगवान ह ऐकरे सेती एक महीना बढ़ाय रिहिस। बिग्यानिकमन के ग्रहगति अउ धारमिक मानता ले हर तीन बछर म एक महीना बाढ़ जथे।



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