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News – कोरोना से लड़ाई की नई ‘रण’ निति, अब 4 सेक्टर पर फोकस, इन पर राज्य अधिकारी देंगे ग्राउंड रिपोर्ट

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15 दिनों से संक्रमण दर स्थिर है, मगर विभाग संक्रमण से निपटने की नए सिरे से रणनीति बना रहा है। इसकी शुरुआत हो चुकी है।

रायपुर. छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण (Corona Virus) के विरुद्ध 18 मार्च से शुरू हुई लड़ाई जारी है। इस दौरान अब तक 1.50 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, 1.25 लाख लोग स्वस्थ हो चुके हैं और 1385 जानें जा चुकी हैं। बीते 15 दिनों से संक्रमण दर स्थिर है, मगर विभाग संक्रमण से निपटने की नए सिरे से रणनीति बना रहा है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। अब पूरा फोकस टेस्टिंग, सघन सामुदायिक सर्वे अभियान, होम आइसोलेशन और प्रचार-प्रसार पर केंद्रित होगा। यानी 4 सेक्टर पर।

अब इन सेक्टर पर जिले के प्रभारी(जो विभाग/संचालनालय में नोडल अधिकारी या उप संचालक के पद पर पदस्थ हैं) ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करेंगे। जो विभाग की अपर मुख्य सचिव (एसीए) रेणु पिल्ले तक जाएगी। 13 अक्टूबर को सभी नोडल अधिकारियों को नई जिम्मेदारी का पत्र भेज दिया गया। जिसकी प्रति ‘पत्रिका’ के पास मौजूद है। जिसमें स्पष्ट उल्लेख बिंदूओं के आधार पर ही अधिकारियों को काम करना होगा। प्रत्येक गुरुवार को जिले में कोरोना नियंत्रण पर समीक्षा होना तय किया गया है।

विभाग में 4 आईएएस अधिकारी, इन्हें जिम्मेदारी
रेणु पिल्ले, अपर मुख्य सचिव- ये विभाग की अपर मुख्य सचिव हैं। तत्कालीन सचिव निहारिका बारिक के छुट्टी पर जाने के बाद इन पर चिकित्सा शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग दोनों की जिम्मेदारी है।

इनके अधिनस्त
डॉ. सीआर प्रसन्ना, विशेष सचिव स्वास्थ्य विभाग- बिलासपुर संभाग | अंतर्गत आने वाले सभी जिलों का जिम्म 2- नीरज बंसोड़, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं- रायपुर और सरगुजा संभाग के सभी जिले। संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन- दुर्ग और बस्तर संभाग के सभी जिले। 4- सभी जिलों के नोडल अधिकारी अपने-अपने प्रभारी अधिकारियों को रिपोर्ट करेंगे। ये तीनों अधिकारी एसीएस को ग्राउंड रिपोर्ट की जानकारी देंगे।

जिलों की मनमानी पर राज्य से सीधे निगरानी
सूत्रों के मुताबिक जिला स्तर पर संक्रमण पर नियंत्रण को लेकर ढिलाई बरतनी शुरू हो गई है। सैंपलिंग, टेस्टिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग नियमानुसार नहीं किए जाने की शिकायते हैं। डेथ ऑडिट भी नहीं हो रहा है। जिले मनमानी कर रहे हैं। इसलिए अब सीधे राज्य के अधिकारी जिलों में जाकर निगरानी करेंगे। लापरवाही के लिए जिम्मेदार होंगे।



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