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News – जोगी के गढ़ पर कब्जे के लिए कांग्रेस की 5 मंत्रियों और 50 विधायकों की टीम उतरी

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मरवाही को चार सेक्टरों में बांटकर बिठाए प्रभारी, सेक्टरों के भीतर बड़े-गांवों कस्बों के लिए भी जिम्मेदारी

रायपुर. मरवाही विधानसभा उपचुनाव को कांग्रेस ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के मजबूत गढ़ पर कब्जे के लिए पार्टी कोई कोर-कसर नहीं छोडऩ़ा चाहती। चुनावी प्रबंधन के लिए कांग्रेस ने सरकार के पांच मंत्रियों और 50 विधायकों को मरवाही के चुनावी मैदान में उतार दिया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के अनुमोदन के बाद कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला ने उन नेताओं की सूची जारी कर दी है, जिन्हें मरवाही में कांग्रेस को जिताने की जिम्मेदारी मिली है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने बताया, संगठन से मरवाही विधानसभा क्षेत्र को चार सेक्टर में बांट दिया है। सांसदों, संसदीय सचिवों, विधायको और पूर्व विधायको को इसमें जिम्मेदारी सौंपी गयी है। विकास तिवारी ने कहा, संगठन ने बूथ स्तर तक प्रभारियों की नियुक्ति की है।
कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि जब भी मरवाही में उपचुनाव हुआ है कांग्रेस इसी ताकत से लड़ी है। छत्तीसगढ़ गठन के बाद हुआ पहला उपचुनाव भी ऐसे ही लड़ा गया था। हम हर उपचुनाव को इसी प्रकार से लड़ते हैं। यह कांग्रेस की तैयारी है। मरवाही हमारी परंपरागत सीट है। हम यह चुनाव जीतेंगे।

जोगी के नाम पर जनता कांगे्रस छत्तीसगढ़

जकांछ की पूरी रणनीति पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के आभामंडल के इर्द-गिर्द है। उपचुनाव की घोषणा से काफी पहले ही जकांछ अध्यक्ष अमित जोगी और कोटा विधायक डॉ. रेणु जोगी ने मरवाही क्षेत्र में छोटी-छोटी बैठकों के जरिए जनसंपर्क शुरू कर दिया था। घर-घर में अजीत जोगी के फोटो की फ्रेम पहुंचाने की कोशिश हुई। जकांछ प्रवक्ता भगवानू नायक ने बताया, अमित जोगी 15 अक्टूबर को नामांकन दाखिल कर रहे हैं। उसके साथ ही पार्टी का प्रचार अभियान तेज होगा। सभी चार विधायकों और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है। नायक कहते हैं, वहां लड़ाई अमित जोगी और सरकार के बीच है।

ऋचा की जाति सत्यापन पर फैसला एक दिन और टला

ऋचा जोगी के मामले में मुंगेली में जिला स्तरीय जाति सत्यापन समिति ने निर्णय को एक दिन के लिए फिर से टाल दिया है। समिति का कहना है कि अभी दस्तावेजों का अवलोकन बाकी है। मालूम हो कि पूर्व विधायक अमित जोगी की पत्नी व स्व. अजीत जोगी की बहू ऋचा जोगी का उनके गृह ग्राम जरहागांव से गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। इस प्रमाण पत्र को संतकुमार नेताम ने रद्द करने की मांग करते हुए जिला स्तरीय समिति के समक्ष शिकायत की थी। ऋचा जोगी को अपना पक्ष रखने के लिए 9 सितम्बर को नोटिस जारी किया गया था और पहली सुनवाई 8 अक्टूबर रखी गई थी। इसके बाद 12 अक्टूबर को दुबारा सुनवाई रखी गई। 12 अक्टूबर को समिति के सदस्यों ने देर तक बैठक की, उसके बाद फैसला आज 13 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया था। आज भी दोपहर 3.30 बजे तक समिति की बैठक हुई। निर्णय को कल के लिए स्थगित रखा गया है।

भाजपा को संगठन पर भरोसा

भाजपा इस चुनाव को मरवाही में वापसी के अवसर के तौर पर देख रही है। ऐसे में भाजपा का पूरा संगठन इस चुनाव में विभिन्न स्तरों की रणनीति के साथ मैदान में उतर रहा है। प्रदेश पदाधिकारियों के साथ-साथ विधायकों और सभी सांसदों को यहां की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह मरवाही पहुंच रहे हैं। रमन सिंह कुछ दिन वहीं जमे रहेंगे। फिलहाल भाजपा ने अपना पूरा फोकस कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में लगा दिया है। मंडल और बूथवार कार्यकर्ताओं की बैठक कर उन्हें जिम्मेदारी दी जा रही है।











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