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News – ड्रग्स पैडलरों का ऐसा रसूख कि कोर्ट में जल्द पेश करने के लिए नेता दिनभर थाने में बनाते रहे दबाव, नहीं मिली जमानत

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सूत्रों के मुताबिक थाने में निचले स्टाफ से लेकर अन्य लोगों को किसी न किसी माध्यम से फोन करके आरोपियों को जल्द पेश करने के लिए कहा गया। उल्लेखनीय है कि प्रापर्टी डीलर और वीआईपी रोड स्थित एक क्लब से जुड़े संभव पारख और मोका रेस्टोरेंट के मालिक हर्षदीप को पुलिस ने बुधवार की रात गिरफ्तार किया था।

रायपुर. प्रदेश की राजधानी में ड्रग्स माफिया की काफी गहरी पैठ है। इसमें राजनीति से जुड़े कई लोग शामिल हैं। इसका उदाहरण गुरुवार को भी देखने को मिला, जब कोतवाली थाने में कुछ नेताओं ने पकड़े गए आरोपी संभव पारख और हरविंद उर्फ हर्षदीप सिंह जुनेजा को कोर्ट में जल्दी पेश करने के लिए दबाव बनाया।

सूत्रों के मुताबिक थाने में निचले स्टाफ से लेकर अन्य लोगों को किसी न किसी माध्यम से फोन करके आरोपियों को जल्द पेश करने के लिए कहा गया। उल्लेखनीय है कि प्रापर्टी डीलर और वीआईपी रोड स्थित एक क्लब से जुड़े संभव पारख और मोका रेस्टोरेंट के मालिक हर्षदीप को पुलिस ने बुधवार की रात गिरफ्तार किया था।

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दोनों पर कोकीन का सेवन करने और दूसरों को बेचने का आरोप लगा है। दोनों के संबंध में ड्रग्स पैडलर श्रेयांश झाबक, विकास बंछोर के अलावा निकिता पांचाल और आशीष जोशी के वाट्सएेप चैट से जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस दोनों की तलाश में लगी थी।

लिस्ट में कई हाईप्रोफाइल लोग

कोकीन तस्करों के अलावा ड्रग्स का सेवन करने वालों की संख्या काफी अधिक है। इसमें कई हाईप्रोफाइल लोगों के रिश्तेदार शामिल हैं। इसको देखते हुए पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। साथ ही मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

मोबाइल फार्मेट कर रहे हैं आरोपी

रायपुर में कोकीन तस्करों की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे ड्रग्स पैडलर और ड्रग्स का सेवन करने वालों ने अपना-अपना मोबाइल फार्मेट कर दिया है। इससे पुलिस को फार्मेट मोबाइल से पुराना डाटा निकालने में मशक्कत करना पड़ रहा है।

कोर्ट ने नहीं दी जमानत

पुलिस ने आरोपी संभव और हर्षदीप को सेशन कोर्ट में पेश किया। उनके वकीलों ने जमानत के लिए आवेदन लगाया था, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। दोनों के अलावा कोकीन तस्करी से जुड़े जीआरपी आरक्षक लक्ष्मण गाइन और एक अन्य की भी जमानत याचिका खारिज कर दी गई।

ड्रग्स पैडलरों का राजनीतिक रसूख

राजधानी में पहली ड्रग्स माफिया का खुलासा होने के साथ ही ड्रग्स पैडलरों का पॉलीटिक्स कनेक्शन भी धीरे-धीरे उजागर हो रहा है। ड्रग्स पैडलर श्रेयांस झाबक और विकास बंछोर की गिरफ्तारी होते ही एक विधायक ने एप्रोच किया था। इसके बाद बिलासपुर का ड्रग्स पैडलर अभिषेक शुक्ला भी एक राजनीतिक दल से जुड़ा पाया गया।

इसके बाद अब गुरुवार को भी जिस ढंग से कोतवाली थाने में लगातार दबाव बनाया गया। एक बार फिर राजनीतिक कनेक्शन उजागर हुआ है। चर्चा यह भी है कि शहर के एक सीनियर राजनीतिज्ञ का बेटा भी पकड़े गए आरोपियों के संपर्क में था।

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