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News – तीन साल में सिर्फ एक बैठक, निगम वेंडर समिति को नजरअंदाज कर खुद फैसला ले रहे अधिकारी

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मनमानी: कॉलोनियों और बाजारों में घूम-घूमकर व्यवसाय करने वाले ठेले वालों को नहीं मिला ठिकाना

रायपुर. नगर निगम के सभी जोनों के लिए निगम मुख्यालय द्वारा वेंडर समिति बनाई गई है। जब समिति का गठन किया गया, उसी समय एक बैठक समिति के कार्यप्रणाली के लिए जानकारी देने समिति की बैठक बुलाई गई थी। इसके बाद समिति की आज तक एक भी बैठक नहीं हुई। समिति के माध्यम से ही वेंडरों की सूची तैयार करने, वेंडर जोन बनाने सहित वेंडरों के हित में निर्णय लेने का प्रावधान हैं। लेकिन निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने पिछले तीन साल में एक भी बैठक नहीं बुलाई। जबकि इस बीच गिने-चुने अधिकारियों ने आपस में ही बैठक कर वेंडरों को वेंडर कार्ड जारी कर दिया। वेंडर जोन की जगह निर्धारित नहीं की गई है। घूम-घूमकर कॉलोनियों और बाजारों में अपना व्यवसाय करने वाले ठेले वालों को आज तक विस्थापन नहीं दिया गया। जबकि वेंडर जोन और वेंडरों के लिए केंद्र सरकार से हर साल करोड़ों रुपए फंड मिलता है।

कोरोना का बहाना

वेंडर समिति की बैठक नहीं होने पर निगम के अधिकारियों से पूछा गया तो अधिकारियों का जवाब था कि कोरोना काल चल रहा है। इसलिए बैठक नहीं हो पा रही है। जब यह पूछा गया कि कोरोना तो आठ माह पहले ही आया था, बाकी के ढाई साल तक बैठक क्यों नहीं बुलाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारी बगले झांकने लगे। फिर कहने लगे कि जोनवार समिति बनाई गई है इसलिए जोन स्तर पर बैठक होनी चाहिए। लेकिन सवाल यह उठता है कि बैठक बुलाने की जिम्मेदारी तो संबंधित विभाग के जिम्मेदारों की है, तो बैठक क्यों नहीं बुलाई। इस सवाल पर भी अधिकारी खामोश रहे।

हितग्राही का कोटेशन बदलकर अपनों को तरजीह

नगर निगम के जिस विभाग में गरीबों के हित के लिए योजना का संचालन किया जाता है, वहां के अधिकारी द्वारा हितग्राहियों द्वारा जमा किए गए हितग्राही का कोटेशन ही बदल कर अपने परिचितों के एजेंसी और कंपनी का कोटेशन लगा दिया जा रहा है। पिछले दिनों मोवा इलाके एक हितग्राही को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने कमिश्नर से इसकी शिकायत कर दी। इसके बाद कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू ने बताया कि वेंडर समिति की बैठक क्यों नहीं हुई है, क्या कारण है। इस बारे में संबंधित विभाग अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। जब समिति का गठन हुआ है, तो बैठक हर दो माह में होना चाहिए।

नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर ने बताया कि जो भी अधिकारी जनहित के कार्यों में लापरवाही बरत रहे हैं, उन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। वाकई में वेंडर समिति तो जनहित के लिए बनाई गई, समिति बनाने के बाद बैठक नहीं बुलाना घोर लापरवाही है। हितग्राहियों के कोटेशन बदलने के मामले को दिखवाता हूं।



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