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News – न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन

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केंद्र सरकार की कृषि कानून कारपोरेट परस्त व किसान विरोधी : तेजराम

नवापारा (राजिम)। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी आह्वान पर न्यूनतम समर्थन मूल्य अधिकार दिवस के रूप में बुधवार को छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के कार्यकर्ताओं ने कृषि उपज मंडी समिति नवापारा में न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून लागू करने की मांग लेकर प्रदर्शन किया।
अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव व छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संचालक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही ने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि सुधार के नाम पर तीन कानून लाया है। जिसमे ंकहा था जा रहा है कि किसान अपने उपज को राज्य के भीतर या राज्य के बाहर कहीं भी अपने मनचाहे दाम पर बेच सकता है। मौजूदा बिचौलियों से किसानों को मुक्त किया गया है। ये कानून कारपोरेट परस्त, किसान, कृषि व उपभोक्ता विरोधी है। क्योंकि, सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून लागू नहीं कर रही है। इसका असर अभी से दिखाई दे रहा है। कृषि उपज मंडियों में सितम्बर. अक्टूबर 2019 और सितम्बर से 12 अक्टूबर 2020 तक धान खरीदी की तुलना करें तो 2019 की अपेक्षा 2020 में धान की दामों में न्यूनतम 45 रुपए से अधिकतम 400 रुपए प्रति क्विंटल दाम किसानों को कम मिला है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 50 से 60 रुपए प्रति क्विंटल धान की कीमत में वृद्धि करती है, लेकिन कृषि उपज मंडियों में इसे लागू नहीं करने से किसान औने-पौने दाम पर व्यापारियों को अपना उपज बेचने को मजबूर होते हैं। इस साल किसानों को पतला धान जैसे सांभा, ओम थ्री, आरबी गोल्ड, श्रीराम जैसे किस्म पर 400 रुपए प्रति क्विंटल नुकसान हुआ है। वहीं व्यापारियों द्वारा इसी किस्म के चावल बेचने पर चावल का दाम कम नहीं हुआ है, जो किसानों के शोषण को दर्शाता है। आवश्यक वस्तुओं के दामों में दिन ब दिन बढ़ोतरी हो रही है। इसलिए, केन्द्र सरकार को चाहिए कि कृषि सुधार के नाम पर वर्तमान में लाए गए तीनों कानूनों को रद्द करते हुए मंडी अधिनियम 1972 के परिपालन को लागू करते हुए मंडी व्यवस्था को मजबूत और न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून लागू करें।
इस अवसर पर नवापारा क्षेत्र के वरिष्ठ किसान नेता रतिराम साहू, अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सह सचिव ललित कुमार, किसान भुगतान संघर्ष समिति के खेमलाल साहू, बिसाहूराम, लुमस साहू, किसान कमलेश साहू सहित क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।



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