Connect with us

Raipur News

News – मंदिरों में नहीं मिलेगा प्रवेश, भक्त मन से करेंगे मां के दर्शन

Published

on


– लाइव देखेंगे (Navratri) पूजा, यूट्यूब, फेसबुक (facebook) के माध्यम से लाइव प्रसारण होगा।
– शक्तिपीठों के बाहर एलईडी स्क्रीन की भी व्यवस्था की जा रही।

रायपुर . आज से नवरात्र (Navratri 2020) प्रारंभ हो रहा है। कोरोना का संक्रमण इस वर्ष दुर्गोत्सव पर भी रहेगा। मंदिरों में श्रद्धालुओं को एंट्री नहीं मिलेगी। उनके लिए सोशल मीडिया समेत अन्य माध्यमों से लाइव आरती और दर्शन की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ के शक्तिपीठों (Navratri 2020) में इस बार ज्योति कलशों की संख्या काफी कम हो गई है। डोंगरगढ़ का मेला और पदयात्रा दोनों ही स्थगित कर दी गई है। यहां छत्तीसगढ़ समेत महाराष्ट्र और ओडिशा से भी श्रद्धालु आते थे। दंतेश्वरी शक्तिपीठ (shaktipeeth) में सिर्फ 101 ज्योति कलश की स्थापना होगी। महामाया मंदिर रतनपुर में 21 हजार ज्योति कलश की स्थापना की जा रही है लेकिन यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 10 हजार कम है।

दंतेश्वरी शक्तिपीठ

मंदिर समिति की ओर से 101 दीप जलेंगे

दन्तेवाड़ा . शक्तिपीठ दंतेश्वरी मंदिर (danteshwari temple) में इस बार कोरोना संक्रमण के कारण सिर्फ 101 ज्योति कलश स्थापित होंगे। ये सभी कलश श्रद्धालुओं की तरफ से नहीं बल्कि मंदिर समिति अपने खर्च से स्थापित कर रही है। कोविड संक्रमण (Corona in chhattisgarh) के कारण लॉकडाउन के बीच चैत्र नवरात्रि पर सिर्फ 3 कलश स्थापित किए गए थे। इससे पहले पिछले वर्ष शारदीय नवरात्रि में 10 हजार ज्योति कलश श्रद्धालुओं ने प्रज्वलित कराए थे। इस बार मंदिर के पट दर्शनार्थियों के लिए पूरे पर्व के दौरान बंद रहेंगे। ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था कराई गई है। साथ ही कुछ चुनिंदा जगहों पर एलईडी स्क्रीन के जरिए पूजा व आरती का लाइव प्रसारण होता रहेगा। लोग मंदिर पहुंचे बगैर देवी के दर्शन कर सकें।

महामाया मंदिर, रतनपुर

21 हजार ज्योति कलश प्रज्जवलित होंगे

बिलासपुर . कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए मां महामाया मंदिर रतनपुर में इस बार शनिवार से 21 हजार ज्योति कलश प्रज्जवलित होंगे। ज्योति कलश की संख्या इस बार मंदिर ट्रस्ट ने दस हजार घटा दी है। मंदिर में प्रतिदिन तीन समय पर होने वाली आरती व देवी दर्शन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब, फेसबुक पर लाइव रहेगा। आमजनों के लिए शुक्रवार से मंदिर के पट बंद कर दिए गए है। जानकारी के अभाव में नवरात्र के दौरान कोई श्रद्धालु मंदिर पहुंचेगा तो उनके लिए मंदिर परिसर मैदान में एलईडी टीवी स्क्रीन से दर्शन कर सकेंगे।

बम्लेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़
डोंगरगढ़ मां बम्लेश्वरी मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश होगा वर्जित

राजनांदगांव. शनिवार से पूरे नौ दिनों तक डोंगरगढ़ बम्लेश्वरी मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में कोरोना वायरस के चलते श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित किया गया है। डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को पूरे नौ दिनों तक होने वाले आयोजनों का लाइव दर्शन की व्यवस्था की है। डोंगरगढ़ में छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र व ओडिशा से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। ट्रस्ट के मंत्री नवनीत तिवारी ने बताया कि इस बार ज्योति कलशों की संख्या में भारी कमी आई है। पिछले साल शारदीय नवरात्रि में ऊपर मंदिर में 6500, नीचे मंदिर में 911 तथा शीतला मंदिर में 61 ज्योति कलश स्थापित हुए थे। इस वर्ष ऊपर मंदिर में 4500, नीचे मंदिर में 600 से कम तथा शीतला मंदिर में 41 ज्योति कलश ही प्रज्वलित होंगे।

महामाया मंदिर, रायपुर
चुनरी नारियल नहीं चढ़ा सकेंगे भक्त, ज्योति कलश की संख्या आधी

रायपुर. कोविड-19 की वजह से नवरात्रि पर्व (Navratri 2020) में भक्त न तो पूजा-आरती में शामिल हो सकेंगे और न ही मातारानी को चुनरी-नारियल खुद अर्पण कर सकेंगे। दूर से दर्शन करके वापस लौटना होगा। शहर के 1400 साल पुराने महामाया मंदिर, बंजारी माता, कालीमाता और दंतेश्वरी माता मंदिर में ऐसी ही व्यवस्था की गई है। इन प्रमुख देवी मंदिरों में ज्योति कलश की संख्या भी आधी रखी गई है। महामाया मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि हर वर्ष 150 ज्योति का पंजीयन प्रवासी भारतीय करवाते थे लेकिन इस बार यह संख्या 30 से 40 ही है। कुल 5165 ज्योति कलश यहां स्थापित की गई हैं।











Source link

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 931 other subscribers

Recent Posts

Facebook

Categories

Our Other Site

Trending