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News – वन्य प्राणियों की तस्करी करने वाले गुप्ता ब्रदर्स का चालान दोबारा कोर्ट में पेश होगा 30 अक्टूबर तक

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– कोर्ट की फटकार में बाद चालान की अधूरी जानकारी अपडेट करने में जुटे वन अफसर
– डीएफओ ने चालान अपडेट करने की जिम्मेदारी दी रेंजर को

रायपुर। शेड्यूल-1 और शेडयूल-2 श्रेणी के वन्य प्राणियों के अवशेष बेचने के आरोप में फंसे राजधानी के कारोबारी भाई रत्नेश कुमार गुप्ता और दुर्गा प्रसाद-शिवकुमार गुप्ता के खिलाफ दोबारा चालान वन अफसरों द्वारा बनाया जा रहा है। कोर्ट की फटकार के बाद वन अफसरों अधूरी रिपोर्ट्स की तलाश करके उन्हें चालान में नस्ती करेंगे और १ हफ्ते के अंदर यानि ३० अक्टूबर तक दोबारा कोर्ट में चालान पेश करेंगे। रायपुर वन मंडल के अधिकारियों ने रेंजर रैंक के अधिकारियों को चालान दोबारा बनाने की निर्देश दिया है। वन अफसरों की मानें तो रेंजर ने उक्त मामले में काम करना भी शुरू कर दिया है।

इन ७ बिंदुओं पर दोबारा बनेगा चालान
कोर्ट ने अधूरा चालान रिपोर्ट पेश करने पर वन अफसरों को चालान वापस करते हुए दोबारा सबमिट करने का निर्देश दिया था। केस का चालान बनाने वाले अफसरों की मानें तो जांच रिपोर्ट में सूचक, कार्रवाई के दौरान जब्त अवशेषों की विस्तृत जानकारी, डीएनए रिपोर्ट, कार्रवाई टीम का विस्तृत विवरण, कार्रवाई के दौरान इक_ा किया गया साक्ष्य का विवरण समेत चालान पेश करने में लेटलतीफी का कारण, जांच के दौरान कारोबारी भाईयों की कार्यप्रणाली का विवरण नहीं लिखा हुआ था। इन सब बातों की जानकारी ना होने पर कोर्ट ने चालान को अधूरा मानते हुए विस्तृत जानकारी के साथ चालान दोबारा सबमिट करने का निर्देश दिया है।

ये सामान जब्त हुआ था कारोबारी भाईयों से
30 अगस्त 2018 को दिल्ली की संस्था पीपुल्स फॉर एनिमल के एक्टिविस्ट की सूचना पर रायपुर वन मंडल के अधिकारियों ने गोल बाजार में जड़ी बूटी और शक्तिवद्र्धक दवा बेचने वाले रत्नेश कुमार गुप्ता व दुर्गा प्रसाद-शिवकुमार गुप्ता की दुकान में छापा मारा था। इस दौरान दुकान से प्रतिबंधित लार्ज बंगाल मोनिटर लिजाडज़् के 300 प्रजनन अंग (प्रचलित नाम गोह या गोहिया), जंगली बिल्ली की पित्त थैली (वाइल्ड कैट) व सियार (जैकाल) की नाभि सहित प्रतिबंधित समुद्री वनस्पति सी फैन (इंद्रजाल) बरामद किए गए थे।

चालान में जानकारी अधूरी होने से कोर्ट ने पूरी जानकारी और रिपोर्ट के साथ चालान सबमिट करने का निर्देश दिया है। रेंजर रैंक के अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी है। रेंजर जिला कार्यालय, मुख्यालय और अन्य जगह से रिपोर्ट इक_ा करके चालान में लगाएंगे और आगामी 7 दिन के अंदर चालान कोर्ट में जमा करेंगे।
बीएस ठाकुर, डीएफओ , रायपुर









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