Raipur News – ऑनलाइन पढ़ाई : बच्चों को 40-45 मिनट से अधिक समय तक मोबाइल न दें, हो सकता है नुकसान

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बच्चों में आंखों की बीमारी होने व आंखों की रोशनी कमजोर होने का खतरा भी बढ़ रहा है, क्योंकि बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए दिनभर में दो से चार घंटे गुजार रहे हैं।

कोरोना वायरस के मद्देनजर लगे क‌र्फ्यू के कारण स्कूल-कालेज के विद्यार्थी अब घरों पर ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। घर पर रहने वाले बच्चे अपना अधिकतर समय टीवी, कंप्यूटर या मोबाइल फोन पर ही व्यतीत कर रहे हैं। बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं, इसके साथ ही मोबाइल पर ऑनलाइन गेम भी खेलते हैं। इस कारण बच्चों में आंखों की बीमारी होने व आंखों की रोशनी कमजोर होने का खतरा भी बढ़ रहा है, क्योंकि बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए दिनभर में दो से चार घंटे गुजार रहे हैं।

अधिक समय तक मोबाइल फोन या कंप्यूटर इत्यादि इस्तेमाल करने से आंखों पर ही नहीं, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ता है। ऐसे में बच्चों की आंखों को सुरक्षित रखने के साथ ही मानसिक तनाव मुक्त करने के लिए भी प्रयास करना चाहिए।

कई स्कूलों द्वारा इसके अलावा होमवर्क के लिए नोट भी मोबाइल पर भेजे जाते हैं, जिसे कापियों पर उतारने के लिए बच्चों को कई घंटे मोबाइल पर छोटे-छोटे अक्षर गौर लगाकर पढ़ने पड़ते हैं, जिसका आंखों पर अधिक असर होता है।

टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करें विद्यार्थी

अपने बच्चों की पढ़ाई, टीवी देखने, लैपटाप या कंप्यूटर इस्तेमाल के लिए टाइमटेबल बनाएं। 40-45 मिनट से अधिक एक साथ बच्चों को इन चीजों का इस्तेमाल करने न दें व 15 मिनट का ब्रेक अवश्य दिया जाए। क्लास लगाने के बाद बच्चे खुले आंगन में पेड़-पौधों की तरफ देखें व आंखों को चारों तरफ घुमाएं। कुछ देर आंखों को बंद करके रखें। बच्चे पलकें झपकतें रहे व एक तरफ टकटकी लगाकर देखने के गुरेज करें।

बच्चों का अभिभावक रखें ध्यान

मोबाइल फोन पर लगातार ऑनलाइन पढ़ाई करना या गेम्स खेलना बेहद नुकसानदायक है। फोन की स्क्रीन बेहद छोटी होती है व इसे लगातार देखने रहने से आंखों पर दबाव पड़ता है। स्क्रीन की हाईब्राइटनेस रोशनी आंखों को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए कोशिश करें कि बच्चों को कंप्यूटर या लैपटाप पर पढ़ाई करवाई जाएं, क्योंकि बड़ी सक्रीन से इसका नुकसान कम हो जाता है। किंतु इसमें भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि 40-45 मिनट बाद रेस्ट करना बेहद जरूरी है।

चश्मा लगाने वाले बच्चे अपने चश्मे का इस्तेमाल अवश्य करें। बच्चों के खानपान का ध्यान रखा चाहिए। आंखों की रोशनी के लिए अंडे, हरी सब्जियां, बादाम, मछली, ड्राइ फ्रूट, दूध का सेवन अवश्य करवाएं।

इन बातों का रखें खास ध्यान

* मोबाइल, टीवी, लैपटाप या कंप्यूटर पर काम करते समय कमरे में रोशनी का उचित प्रबंध होना चाहिए।

* बच्चों को लेटकर पढ़ने या टीवी देखने की आदत न डालने दें।

* आंखों में जलन, भारीपन, माथे के बीच भारीपन महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

* आंखों की नियमित समय पर जांच करवाते रहें।

* बच्चों को अधिक समय तक मोबाइल पर फिल्म देखने या गेम्स खेलने न दें।

* बच्चों के खानपान का सही ध्यान रखें।

* गर्म पानी से आंखों से न धोने दें, बल्कि ताजे पानी से आंखों को साफ करें।

* बच्चों को 8 घंटे तक सोने का समय दें। रात के समय बच्चों को मोबाइल इस्तेमाल न करने दें।









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