Raipur News – लॉकडाउन में मिली थी गरीबों को राहत, जेब भर रही है राशन माफियाओं की

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खाद्य विभाग की लापरवाही का पूरा फायदा राशन दुकान संचालकों को हो रहा है। राशन कार्डधरियों को यह पता ही नहीं है कि राज्य सरकार ने एक साथ दो माह का चावल मुफ्त दिया है। गुलाबी कार्डधारियों को केंद्र सरकार की ओर से 35 किलो चावल के अलावा अपै्रल, मई और जून का प्रति सदस्य पांच-पांच किलो चावल अतिरिक्त दिया जा रहा है।

रायपुर. लॉकडाउन में सरकार ने एपीएल और बीपीएल कार्डधारियों को बड़ी राहत दी है, लेकिन इस राहत का फायदा राशन दुकान संचालक खुलकर उठा रहे हैं। अहम बात यह है कि 60 फीसदी कार्डधारियों को जानकारी ही नहीं है कि सरकार लॉकडाउन के समय कितना खाद्यान्न उन्हें दे रही है। इसका लाभ उठाकर मनचाहा खाद्यान्न हितग्राहियों को थमाकर चलता कर रहे हैं। इस तरह शिकायतें अब आम हो गई हैं।

खाद्य विभाग की लापरवाही का पूरा फायदा राशन दुकान संचालकों को हो रहा है। राशन कार्डधरियों को यह पता ही नहीं है कि राज्य सरकार ने एक साथ दो माह का चावल मुफ्त दिया है। गुलाबी कार्डधारियों को केंद्र सरकार की ओर से ३५ किलो चावल के अलावा अपै्रल, मई और जून का प्रति सदस्य पांच-पांच किलो चावल अतिरिक्त दिया जा रहा है। नीला कार्डधारियों को राज्य सरकार अप्रैल मई का एक साथ बांटा जा चुका है। अब मई का चावल वितरित किया जा रहा है।

लॉकडाउन का उठाया फायदा

लॉकडाउन में लोगों के पास खाने-पीने के अलावा अन्य जरूरी समान खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। इसका फायदा राशन दुकान संचालकों ने जमकर उठाया। उन्होंने खुद ही चावल खरीदकर खुले बाजार में बेच दिया। चौंकाने वाली बात तो यह है कि लॉकडाउन के दौरान समाजसेवी संस्थाएं जो चावल गरीबों को बांट रही थी वो उन्हीं के द्वारा बेचा हुआ था।

दलालों की खुल गई दुकानें

खुद राशन दुकान संचालकों ने अपनी शासकीय राशन दुकान से कुछ ही दूरी पर अपने दलालों को बैठा रखा है जो राशन कार्डधारियों को बरगला कर मुफ्त का चावल दस से बारह रुपए खरीद रहे हैं।

इन क्षेत्रों में खुली दलालों की दुकानें

रायपुरा, फाफाडीह, पुरानी बस्ती, लाखेनगर , गुढि़यारी व टिकरापारा की राशन दुकानों के आसपास खुद संचालकों ने दलालों को बैठा दिया है।

गुलाबी कार्ड मे पांच सदस्य को तीन माह व 35 किलो प्रति माह का आवंटन। इसके अलावा नीला कार्डधारियों को दो माह का चावल एक साथ वितरित किया जा चुका है।

– राज्य सरकार – 35 किलो प्रति माह

– सेंट्रल से पांच किलो प्रति सदस्य प्रति माह केंद्र तीन माह तक
– राज्य सरकार ने तीन माह का मुफ्त चावल दे दिया है।

लगातार राशन दुकानों निगरानी की जा रही है। कहीं से भी इस तरह की शिकायत आएगी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-अनुराग भदौरिया, नियंत्रक, खाद्य विभाग



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